Sunday, July 10, 2016

जल रहा है कश्मीर क्यों, क्या तुम्हे नही पता
फूंक डाले अपने ही घरोंदे, क्या तुम्हे नही पता
बीज बोया है जिसने भी आतंक का,
ऐसी बेकद्री की मौत मरेगा, क्या तुम्हे नहीं पता ।
देश भक्ति मांगता है देश, क्या तुम्हे नहीं पता
गद्दारी की सजा  मौत है, क्या तुम्हे नहीं पता
समझाते लाल को पहले अपने,
दोजख मे ही जायेगा, क्या तुम्हे नही पता ।

No comments:

Post a Comment